कथा-संरचना
तीन-अंक संरचना
पश्चिमी नाट्य-मॉडल की नींव: स्थापना, संघर्ष, समाधान, अंक-सीमाओं पर मोड़-बिंदुओं के साथ।
तीन-अंक संरचना पश्चिमी नाट्य का वह नींवी मॉडल है जिस पर बाक़ी लगभग हर ढाँचा खड़ा हुआ है: अंक I (स्थापना, पहले प्लॉट-बिंदु पर समाप्त), अंक II (संघर्ष, बढ़ती क्रिया मध्य-बिंदु से होते हुए दूसरे प्लॉट-बिंदु तक) और अंक III (समाधान, चरम और उपसंहार)। इसके सामान्य बीट: विवरण, उत्प्रेरक घटना, प्लॉट बिंदु एक, बढ़ती क्रिया, मध्य-बिंदु, प्लॉट बिंदु दो, चरम, समाधान।
सिड फ़ील्ड की 1979 की Screenplay ने आधुनिक रूप को काफ़ी हद तक जमा दिया। इसके वंशज हल जोड़ते हैं: नायक की यात्रा उसे मिथकीय रूप देती है, Save the Cat (अंग्रेज़ी में) उसे पंद्रह बीट्स में बाँटती है, कथा-वृत्त उसे आठ में सिकोड़ता है, और किशोतेनकेत्सु (अंग्रेज़ी में) टकराव पर न चलने वाला मुख्य विकल्प देता है।